अखिल भारतीय रघुवंशी क्षत्रिय परिषद ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की संरचना में व्यापक बदलाव की मांग उठाई है। इस संबंध में जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है।
ज्ञापन में मुख्य रूप से ट्रस्ट में रघुवंशी समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने, वित्तीय मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा देश की चारों शंकराचार्य पीठों के आचार्यों को स्थायी सदस्य बनाने की मांग की गई है।
सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक परंपरा का सम्मान परिषद
परिषद के जिलाध्यक्ष मोहर सिंह रघुवंशी का कहना है कि भगवान श्रीराम रघुवंश के गौरव एवं मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, इसलिए उनके नाम पर गठित ट्रस्ट में रघुवंशी समाज का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया "रघुवंशी समाज की यह मांग किसी पद या प्रतिष्ठा के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक परंपरा के सम्मान के लिए है। जिस वंश के आदर्श स्वयं भगवान श्रीराम हैं, उस समाज की भागीदारी ट्रस्ट में होना स्वाभाविक है।"
वित्तीय पारदर्शिता और शंकराचार्यों को स्थायी सदस्यता की मांग
ज्ञापन में ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय मामलों में सामने आए विवादों का उल्लेख करते हुए एक निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने का भी आग्रह किया गया है। परिषद ने जोर देकर कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संस्थान में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसके साथ ही, देश की चारों पीठों के पूज्य शंकराचार्यों को ट्रस्ट में स्थायी सदस्य बनाए जाने की मांग भी रखी गई है। परिषद का मानना है कि इससे मंदिर की धार्मिक परंपराओं, शास्त्रीय मर्यादाओं और आध्यात्मिक मार्गदर्शन को और अधिक मजबूती मिलेगी। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अनुरोध किया गया है कि वे केंद्र सरकार एवं संबंधित मंत्रालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय सुनिश्चित करें।
*ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के वरिष्ठजन रहे मौजूद*
इस महत्वपूर्ण अवसर पर परिषद के अनेक पदाधिकारियों एवं रघुवंशी समाज के वरिष्ठजनों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन जताया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित गणमान्य नागरिक और पदाधिकारी उपस्थित थे:
रामकृष्ण सिंह एवं दीपसिंह (ग़ज़ार)
वीर सिंह (कक्का) - जनपद अध्यक्ष, विदिशा
रामसिंह (पांझ) एवं रघुवीर सिंह (खेरुआ)
मोहर सिंह (शिक्षक) (मानौरा)
राजाराम (नगर अध्यक्ष)
*प्रशासनिक व सामाजिक प्रतिनिधि:* दुर्ग सिंह (पटवारी), उदय सिंह (पटवारी), वीर सिंह (अटारी खेजड़ा), वीर सिंह (खेरुआ), विजय सिंह (खेरुआ), शैलेन्द्र (नामाखेड़ी), नवीन (देहलवाड़ा)
अन्य वरिष्ठ सदस्य राम सिंह, रघुनंदन सिंह, अमर सिंह, भूपेन्द्र सिंह, शंभु सिंह, चन्द्रपाल, महेंद्र सिंह, शैलेन्द्र रघुवंशी, चैन सिंह, नरेंद्र सिंह, नितिन, भूपेन्द्र सिंह, मालम सिंह, भगत सिंह, दीपक, सुनील, बृजेंद्र सिंह, सौरभ, भविष्य, रवींद्र सिंह, मेहरवान सिंह, नरेश, नरेन्द्र (सिट्टू), कुलदीप, सुयश, मुकेश सिंह, संजीव, राजवीर सिंह, कपिल, कृष्णजी सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।