24 जून 2026* - कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने बुधवार को विदिशा तहसील के ग्राम खामखेड़ा का सघन भ्रमण कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पंचायत कार्यों और योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में मिली खामियों पर नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
*पानी की टंकी पर चढ़कर परखी पेयजल व्यवस्था*
कलेक्टर ने गांव की पेयजल आपूर्ति की हकीकत जानने के लिए खुद पानी की टंकी पर चढ़कर निरीक्षण किया। जल स्रोत, भंडारण और वितरण व्यवस्था देखकर उन्होंने हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के निर्देश दिए। ग्रामीणों से बात कर समस्याएं सुनीं और गर्मी-बरसात में आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए निगरानी रखने को कहा।
*स्कूलों में मिली भारी अनियमितता, शिक्षकों पर गिरेगी गाज*
प्राथमिक शाला में मात्र 3 और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में केवल 15 विद्यार्थियों की उपस्थिति पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने प्राथमिक शाला के शिक्षकों का उक्त दिवस अवैतनिक घोषित करने और उच्चतर मा. विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। प्रयोगशाला के अभिलेखों की जांच के लिए बीआरसी को प्रतिवेदन सौंपने को कहा।
*पंचायत में पारदर्शिता की जांच, पलायन का रिकॉर्ड रखने के निर्देश*
ग्राम पंचायत कार्यालय में कलेक्टर ने ई-केवाईसी, समग्र आईडी, लाभार्थी सूची और योजनाओं की जानकारी के सार्वजनिक प्रदर्शन का निरीक्षण किया। उन्होंने पलायन करने वाले परिवारों का रिकॉर्ड भी प्रदर्शित करने को कहा ताकि रोजगार की बेहतर योजना बन सके। पंचायत के अच्छे कार्यों के बावजूद आदर्श ग्राम पंचायत पुरस्कार के लिए नामांकन न भेजने पर नाराजगी जताई।
*आंगनबाड़ी और उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण*
आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 47 में बच्चों से गिनती-पहाड़े पूछकर शैक्षणिक स्तर जांचा। स्वयं सहायता समूहों द्वारा बाहर से भोजन लाने पर रोक लगाकर रसोई में ही स्वच्छ भोजन बनाने के निर्देश दिए। बच्चों को कॉपी-टॉफी बांटकर उत्साह बढ़ाया।
उप स्वास्थ्य केंद्र में 13 गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली और नियमित जांच के निर्देश दिए। ओपीडी, दवा उपलब्धता और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया।
*प्राचीन तालाब के संरक्षण पर जोर*
गांव के प्राचीन तालाब का निरीक्षण कर कलेक्टर ने जनसहयोग से सफाई और तालाब किनारे पौधारोपण की कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि जल स्रोत ग्रामीण संस्कृति के प्रतीक हैं, इनका संरक्षण जरूरी है।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। इसके लिए मैदानी निरीक्षण और जनसंवाद से व्यवस्थाओं की निगरानी जारी रहेगी