अवैध मेडिकल स्टोर्स पर बड़ी कार्रवाई : जिले में 32 औषधि अनुज्ञप्तियां निरस्त
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर औषधि प्रशासन की सतत कार्रवाई जारी
विदिशा, दिनांक 16 जून 2026
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार जिले में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर्स एवं औषधि प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जा रही है। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध औषधि प्रशासन द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
विदिशा के औषधि निरीक्षक जॉन प्रवीण कुजूर ने जानकारी देते हुए बताया कि विगत एक वर्ष के दौरान जिले में व्यापक निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान कई मेडिकल स्टोर्स निर्धारित नियमों एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं पाए गए। इसके परिणामस्वरूप जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 32 थोक एवं औषधि विक्रेताओं की औषधि अनुज्ञप्तियां (लाइसेंस) निरस्त की गई हैं।
निरस्त की गई अनुज्ञप्तियों में लटेरी, गंजबासौदा, सिरोंज, कुरवाई, ग्यारसपुर, शमशाबाद तथा अन्य क्षेत्रों के मेडिकल स्टोर्स एवं औषधि एजेंसियां शामिल हैं। कार्रवाई के दायरे में कृपा मेडिकल लटेरी, आर्या मेडिकल बासौदा, श्री बिहारी जी मेडिकल बासौदा, शर्मा मेडिकल स्टोर अंबा नगर बासौदा, कृष्णा मेडिकल बासौदा, युविका मेडिकल बासौदा, श्री गणेश मेडिकल बासौदा, श्री श्याम मेडिकल स्टोर अंबा नगर बासौदा, न्यू गुरु मेडिकल स्टोर बासौदा, राधिका मेडिकल उहर बासौदा, वर्षोंना मेडिकल बामोरा, आयुषी मेडिकल एजेंसी सिरोंज, मयंक मेडिकल स्टोर सिरोंज, शुभ मेडिकल स्टोर कुरवाई, समाधिया मेडिकल स्टोर, दानी मेडिकल गारेथा सिरोंज, कुशवाह मेडिकल सिरोंज, बालाजी मेडिकल स्टोर पथरिया सिरोंज, समंत मेडिकल दीपनखेड़ा, अमन मेडिकल एजेंसी पथरिया, श्रद्धा एजेंसी सिरोंज, श्री बालाजी मेडिकल स्टोर सागर रोड विदिशा, वाशिक मेडिकल हाजीपुर सिरोंज, कृतिका मेडिकल इमली चौराहा बासौदा, आजाद मेडिकल एजेंसी बासौदा, आराध्य मेडिकल स्टोर बागरोद, गुनगुन मेडिकल स्टोर त्योंदा, शिव मेडिकल घटेरा, सी बेस्ट फार्मा सिरोंज, राजकुमार मेडिकल स्टोर ग्यारसपुर तथा आलशिफ मेडिकल स्टोर शमशाबाद सहित अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत निर्धारित मानकों एवं शर्तों के अनुरूप संचालित नहीं पाए गए, जिसके चलते उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस उद्देश्य से जिले में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर्स, बिना वैध अनुमति के संचालित औषधि प्रतिष्ठानों तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध जांच एवं कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रहेगा।
प्रशासन ने सभी औषधि विक्रेताओं से अपील की है कि वे औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों का पूर्णतः पालन करें तथा अपने प्रतिष्ठानों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करें। इससे आमजन के स्वास्थ्य हितों की सुरक्षा के साथ-साथ औषधि वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनी रहेगी