मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से शिष्य हल्कई सिलावट का देहदान, गार्ड ऑफ ऑनर से अंतिम विदाई



 बेतवा भूमि न्यूज़ विदिशा।
 संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित होकर उनके शिष्य हल्कई सिलावट के निधन के उपरांत उनके परिजनों ने देहदान का सराहनीय निर्णय लिया। विदिशा जिले की गंजबासौदा तहसील के उकायला गांव निवासी हल्कई सिलावट के पार्थिव शरीर को रविवार को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज को चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्यों के लिए समर्पित किया गया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी।
मृतक की पत्नी पूना बाई दासी तथा पुत्र जगदीश दास ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज अपने सत्संगों में मानव जीवन को समाजहित में समर्पित करने तथा मृत्यु के बाद भी मानवता के काम आने की प्रेरणा देते हैं। उन्हीं शिक्षाओं से प्रेरित होकर परिवार ने देहदान का निर्णय लिया, ताकि मेडिकल विद्यार्थियों की शिक्षा और चिकित्सा अनुसंधान में सहयोग मिल सके।
परिजनों ने कहा कि यह देहदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता की निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। उनका मानना है कि इस प्रकार के कार्य समाज में जागरूकता बढ़ाते हैं और लोगों को मृत्यु के बाद भी मानव कल्याण के लिए योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने भी परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायक पहल बताया। उपस्थित लोगों ने दिवंगत हल्कई सिलावट को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके इस महान योगदान को मानव सेवा की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण बताया।यदि चाहें, तो मैं इसे फ्रंट पेज अखबारी शैली में इंट्रो, उपशीर्षक, हाइलाइट बॉक्स और फोटो कैप्शन सहित भी तैयार कर सकता हूँ।