मध्य प्रदेश पुलिस के जन-जागरूकता अभियान का वीडियो फिर चर्चा में, सोशल मीडिया पर लोग बोले— "ऐसे अधिकारी समाज के लिए मिसाल हैं"
नशेड़ी की भूमिका में दिखे पूर्व एएसपी प्रशांत चौबे, वायरल वीडियो से युवाओं को दिया नशामुक्ति का सशक्त संदेश
विदिशा
मध्य प्रदेश पुलिस के जन-जागरूकता अभियान के तहत तैयार किया गया पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रशांत चौबे का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वे एक नशे के आदी व्यक्ति (नशेड़ी) की भूमिका निभाकर युवाओं को नशे की भयावह सच्चाई और उसके दुष्परिणामों से अवगत कराते नजर आते हैं।
वीडियो में प्रशांत चौबे ने बेहद प्रभावशाली और भावनात्मक अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया है कि नशा केवल एक व्यक्ति का जीवन ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां और भविष्य भी बर्बाद कर देता है। उनका यह संदेश लोगों को गहराई से प्रभावित कर रहा है।
"नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान का हिस्सा
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो मध्य प्रदेश पुलिस के "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत तैयार किया गया था। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और समाज में जागरूकता फैलाना है।
सामुदायिक पुलिसिंग के लिए मिली राष्ट्रीय पहचान
प्रशांत चौबे अपनी जनहितैषी कार्यशैली और सामुदायिक पुलिसिंग के लिए प्रदेशभर में पहचान बना चुके हैं। जन-जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। विदिशा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई सामाजिक अभियानों का सफल नेतृत्व किया, जिससे वे आमजन के बीच काफी लोकप्रिय रहे।
सीहोर में संभाल रहे नई जिम्मेदारी
हाल ही में प्रशांत चौबे का स्थानांतरण विदिशा से सीहोर जिले में हुआ है, जहां वे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विदिशा से विदाई के समय पुलिस अधिकारियों और शहरवासियों ने उन्हें भावुक विदाई दी थी।
सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना
वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिल रही है। लोग उनके अभिनय के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी संवेदनशील सोच की भी प्रशंसा कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि पुलिस अधिकारी इस तरह रचनात्मक तरीके से समाज को जागरूक करें, तो नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
पूर्व एएसपी प्रशांत चौबे का यह वीडियो इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जन-जागरूकता के लिए अपनाए गए रचनात्मक प्रयास वर्षों बाद भी लोगों को प्रेरित कर सकते हैं। नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रभावशाली है।