अनुपम मेगा सिटी गेट के पास विद्युत विभाग की लापरवाही पर सवाल, बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करते दिखे कर्मचारी


 बेतवा भूमि न्यूज़ विदिशा। 
सांची रोड स्थित अनुपम मेगा सिटी गेट के पास हनुमान मंदिर के समीप विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कर्मचारी विद्युत उपकरणों और डीपी के आसपास कार्य करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन मौके पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।

मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों के पास हेलमेट, सुरक्षा दस्ताने, सेफ्टी शूज सहित आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) दिखाई नहीं देने से विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाई-वोल्टेज विद्युत उपकरणों के आसपास बिना उचित सुरक्षा साधनों के कार्य करना कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास मौजूद लोगों के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सुरक्षा संबंधी नियमों में विद्युत कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा उपायों और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के उपयोग पर जोर दिया गया है।

सरकारी डीपी पर निजी डीपी रखने को लेकर भी उठे सवाल
मौके पर एक अन्य महत्वपूर्ण सवाल भी सामने आया है कि क्या विद्युत विभाग की सरकारी संपत्ति अथवा सरकारी डीपी के ऊपर किसी निजी उपभोक्ता की डीपी स्थापित की जा सकती है?
यदि उक्त डीपी निजी उपभोक्ता अथवा किसी निजी संस्था की है, तो यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि उसे सरकारी विद्युत संपत्ति के ऊपर या उसी संरचना पर स्थापित करने के लिए सक्षम विभागीय अधिकारी की अनुमति, तकनीकी स्वीकृति और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है या नहीं।

मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कोड में वितरण व्यवस्था को निर्धारित तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार स्थापित और बनाए रखने तथा सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान एवं सुधार की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।

विभाग से जांच की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर यह जांच करनी चाहिए कि कर्मचारी किस कार्य के लिए आए थे, कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरणों का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा था तथा मौके पर लगी दोनों डीपी की स्वामित्व स्थिति, स्थापना की अनुमति और तकनीकी स्वीकृति क्या है।

यदि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि किसी संभावित विद्युत हादसे को रोका जा सके।

अब देखना यह है कि विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर मौके की जांच करते हैं या नहीं।
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विदिशा विद्युत विभाग के DGM से फोन पर बात हुई तो बताया  की जानकारी लेता हूं मुझे जानकारी नहीं है और उन्होंने बताया कि यदि शासकीय एक डीपी के ऊपर दूसरी डीपी प्राइवेट रखा रही है तो यह गलत है मैं जांच करता हूं
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विदिशा विद्युत विभाग के AE से फोन पर बात हुई तो उन्होंने बताया कि हमारा या ठेकेदार का कर्मचारी काम कर रहे है उससे मेरी बात कराईये तब पत्रकार ने ठेकेदार से बात कराई तो ठेकेदार से AE ने पूछा कि पत्रकार से में क्या बोल दूं तो ठेकेदार ने कहा कि बता दो कि प्राइवेट कॉन्टैक्टर काम कर रहे हैं इससे अंदाजा लगता है कि विद्युत विभाग और ठेकेदार की मिली भगत से काम चल रहा है
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 विद्युत में कार्य करने वाले ठेकेदार बृजेंद्र वर्मा का कहना है कि अधिकारी से परमिशन लेकर ही काम कर रहे हैं

 शेष खबर अगले अंक में