शहर की सड़कों पर खुलेआम घूम रहे सांड, आखिर कब जागेगा प्रशासन? नगर पालिका की आवारा पशु व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
विदिशा। शहर की सड़कों पर आवारा सांडों का आतंक लगातार लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। जेल रोड स्थित रॉयल सिटी गेट के पास सांडों की जोरदार लड़ाई ने एक बार फिर नगर पालिका और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सांडों की भिड़ंत की चपेट में आकर चार बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं। इनमें बेतवा भूमि समाचार के संपादक एवं पत्रकार तोरन सिंह शिल्पकार की बाइक को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा।
बताया गया कि रॉयल सिटी गेट के पास दो सांड अचानक आपस में भिड़ गए। दोनों सांड काफी देर तक सड़क पर लड़ते रहे और इसी दौरान आसपास खड़ी बाइक उनकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
सवाल यह है कि जब शहर में आवारा सांडों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, तो नगर पालिका की पशु पकड़ने वाली व्यवस्था आखिर कहां है? क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है?
पत्रकार की बाइक को भारी नुकसान
घटना में पत्रकार तोरन सिंह शिल्पकार की बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बाइक में क्लच लीवर, साइड स्टैंड, साइड कुंदे, शॉकअप, मेन स्टैंड, पिछला ब्रेक और कांच टूट गया। बाइक से पेट्रोल भी फैल गया और वाहन ओवर होकर गिर गया। काफी मशक्कत के बाद बाइक को चालू किया जा सका।
एक पत्रकार, जो प्रतिदिन समाचार संकलन के लिए शहर में आवागमन करता है, उसकी बाइक का इस तरह क्षतिग्रस्त होना आर्थिक नुकसान के साथ-साथ नगर की व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है।
नगर पालिका और प्रशासन से सीधे सवाल
👉 शहर की सड़कों पर आवारा सांडों को रोकने की जिम्मेदारी किसकी है?
👉 आए दिन होने वाली सांडों की लड़ाई के बावजूद प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
👉 क्या प्रशासन किसी गंभीर हादसे का इंतजार कर रहा है?
👉 यदि आवारा पशु किसी व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दें, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
👉 वाहन क्षतिग्रस्त होने पर पीड़ितों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
इन सवालों का जवाब अब नगर पालिका परिषद और जिला प्रशासन को देना चाहिए।
सिर्फ अभियान नहीं, स्थायी समाधान जरूरी
शहरवासियों का कहना है कि आवारा पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। संवेदनशील स्थानों की पहचान कर नियमित रूप से आवारा सांडों को पकड़ने, सुरक्षित स्थान पर रखने और उनकी निगरानी की स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए।
पत्रकार को नुकसान की भरपाई की मांग
घटना में पत्रकार तोरन सिंह शिल्पकार की बाइक को हुए नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा/क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की गई है। साथ ही अन्य क्षतिग्रस्त वाहनों के नुकसान का भी आकलन कर उचित कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
अब देखना यह है कि इस घटना के बाद नगर पालिका और जिला प्रशासन केवल आश्वासन देता है या शहर को आवारा सांडों के आतंक से वास्तविक राहत भी दिलाता है।
बेतवा भूमि समाचार की मांग:
“आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग तत्काल प्रभावी कार्रवाई करे।”