अशोकनगर जिले की पिपरई तहसील में एक व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी है। जिसे संत रामपाल जी महाराज से जोड़ा जा रहा है ।
अनुयायियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार
1)जिस व्यक्ति ने यह घटना की है, वह संत रामपाल जी का शिष्य नहीं है।
2)इस व्यक्ति ने संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश नहीं लिया है।
3)इसके परिवार वालों ने संत रामपाल जी महाराज जी से नाम ले रखा है, लेकिन परिवार वालों का इसमें कोई योगदान बिल्कुल भी नहीं है।
4) यह व्यक्ति दारू का सेवन व अन्य नशीली वस्तुओं का सेवन करता है और मानसिक रूप से भी ठीक नहीं है।
5) इस घटना में संत रामपाल जी महाराज व उनके शिष्यों का कोई योगदान नहीं है और इस घटना में संत रामपाल जी महाराज का नाम नहीं जोड़ा जाए।
6)संत रामपाल जी महाराज सनातन धर्म को मानने वाले संत हैं और हमारे गुरुदेव जी अपने भक्तों को यह सब करने की शिक्षा नहीं देते हैं, बल्कि सभी हिंदू देवी-देवताओं का आदर करते हैं। उस व्यक्ति का हमारे गुरुदेव जी से कोई भी लेना-देना नहीं है।
जिसने भी यह किया है (हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी है), उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। संत रामपाल जी के शिष्य कानून के सपोर्ट में हैं।