: मानव सेवा की भावना से प्रेरित होकर कटनी जिले की स्लीमनाबाद तहसील के ग्राम पड़रभट्ठा निवासी प्रयाग बाई लोधी ने देहदान कर एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। संत रामपाल जी महाराज की अनुयायी प्रयाग बाई लोधी की देह रविवार को जबलपुर स्थित सुख सागर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को दान की गई। उनका यह कदम चिकित्सा शिक्षा और समाज कल्याण के लिए महत्वपूर्ण योगदान है।
देहदान के माध्यम से चिकित्सा के विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को करीब से समझने और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इससे भावी चिकित्सकों के प्रशिक्षण और चिकित्सा अनुसंधान में भी मदद मिलती है। इस तरह देहदान के जरिए व्यक्ति मृत्यु के बाद भी चिकित्सा शिक्षा के माध्यम से समाज की सेवा में योगदान दे सकता है।
प्रयाग बाई लोधी के देहदान का निर्णय उनके परिवार की सहमति से लिया गया। इस अवसर पर उनके पति खेतसिंह जी, पुत्र परमानंद जी, बहू जलाश जी, पुत्री अनीता जी और नाती निशिथ जी उपस्थित रहे।
प्रयाग बाई लोधी का यह कदम देहदान के महत्व को समझने और समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश देता है। उनका यह योगदान बताता है कि मानव सेवा केवल जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि देहदान जैसे निर्णय के माध्यम से भी चिकित्सा शिक्षा और भावी पीढ़ियों के हित में योगदान दिया जा सकता है।